प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय ख्याति  प्राप्त समाजसेवी,नारीवादी,

उनके विचारों को पीढ़ी दर पीढ़ी तक जिंदा रखने के लिए, उनके कारवां को आगे बढते रहने के लिए कमसे कम  उनके जन्मदिन और मृत्यु दिवस पालन आवश्यक है । इसी के माध्यम से हम नई पीढ़ी को उनके विचारों से और उनके कर्मों  से रूबरू कर सकते हैं।

उनके विचार था की सभी इंसान  समान रूप से सम्मान, संसाधन और आगे बढने के अवसर का समान अधिकारी  हैं। हर एक काम महत्वपूर्ण है । वह काम जो महिलाओं के लिए समाज निर्धारित किया है वह तो और भी महत्वपूर्ण है । जिसके बिना एक  इंसान, एक परिवार, एक बच्चा एक कदम आगे नहीं बढ़ सकते हैं। साथ ही देश भी  आगे नहीं बढ़ सकते हैं। स्त्री पुरुष की पारस्परिक सम्मान, सहयोग और अवसर अति आवश्यक है।

यही नारीवाद है।

पुरुषों की विरोध नहीं बल्कि पुरुषों को समान रूप से संवेदन शील सहयोगी मनुष्य बनाने की शिक्षा है।

आज प्रेरणा भारती ने अपने मधुपुर सीता कार्यालय पर उनके लिए श्रद्धांजलि दिवस मनाया।

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